इंडिगो एयरलाइन संकट में है। 1700 से अधिक उड़ानों को रद्द करना पड़ा, यात्रियों को भटकाना पड़ रहा है।
राहुल भाटिया ने अपनी कंपनी इंडिगो एयरलाइन शुरू की, जिसकी स्थापना 2004 में हुई थी। राहुल और राकेश गंगवाल दोनों एक ही सपने से चले आए थे। उनकी पहली उड़ान 28 जुलाई 2006 को हुई थी, जब इंडिगो ने अपना पहला एयरबस मिला।
आज भारतीय विमानन उद्योग में इंडिगो का प्रभाव देखने को मिलता है। 60 फीसदी से अधिक उड़ानों पर कब्जा करती है, लेकिन इसके साथ ही कई चुनौतियां भी आ रही हैं।
पिछले 4 दिनों में इंडिगो ने अपनी 1700 से अधिक उड़ानों को रद्द कर दिया है। यात्रियों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है, जिससे परिवारों और व्यवसायों का काम भी अवरुद्ध हो गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि इंडिगो ने अपनी उड़ानों को रद्द करने के लिए 15 दिसंबर तक समय मांगा है। इसके पीछे क्या कारण हैं, यह जानने के लिए हमें और विस्तार से पता लगाना होगा।
राकेश गंगवाल ने इंडिगो की सह-स्थापना की थी। उन्होंने अपनी पहली एयरलाइन शुरू करने के सपने में 1984 में शामिल हुए थे।
इंडिगो के पास देशभर के 90 से अधिक डोमेस्टिक और 40 से अधिक इंटरनेशनल उड़ानें हैं। यहाँ पर यात्रियों की कमी न होने के बावजूद भी इस एयरलाइन की कीमतें बढ़ रही हैं।
सुरक्षा के सवाल पर भी उठते हैं जब पायलट्स एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि इंडिगो रिसोर्सेज की ठीक से प्लानिंग नहीं कर रही है।
राहुल भाटिया ने अपनी कंपनी इंडिगो एयरलाइन शुरू की, जिसकी स्थापना 2004 में हुई थी। राहुल और राकेश गंगवाल दोनों एक ही सपने से चले आए थे। उनकी पहली उड़ान 28 जुलाई 2006 को हुई थी, जब इंडिगो ने अपना पहला एयरबस मिला।
आज भारतीय विमानन उद्योग में इंडिगो का प्रभाव देखने को मिलता है। 60 फीसदी से अधिक उड़ानों पर कब्जा करती है, लेकिन इसके साथ ही कई चुनौतियां भी आ रही हैं।
पिछले 4 दिनों में इंडिगो ने अपनी 1700 से अधिक उड़ानों को रद्द कर दिया है। यात्रियों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है, जिससे परिवारों और व्यवसायों का काम भी अवरुद्ध हो गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि इंडिगो ने अपनी उड़ानों को रद्द करने के लिए 15 दिसंबर तक समय मांगा है। इसके पीछे क्या कारण हैं, यह जानने के लिए हमें और विस्तार से पता लगाना होगा।
राकेश गंगवाल ने इंडिगो की सह-स्थापना की थी। उन्होंने अपनी पहली एयरलाइन शुरू करने के सपने में 1984 में शामिल हुए थे।
इंडिगो के पास देशभर के 90 से अधिक डोमेस्टिक और 40 से अधिक इंटरनेशनल उड़ानें हैं। यहाँ पर यात्रियों की कमी न होने के बावजूद भी इस एयरलाइन की कीमतें बढ़ रही हैं।
सुरक्षा के सवाल पर भी उठते हैं जब पायलट्स एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि इंडिगो रिसोर्सेज की ठीक से प्लानिंग नहीं कर रही है।