‘कानून का हाथ आप तक जरूर पहुंचेगा’, पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय मंत्री ने तेजस्वी को दे दिया बड़ा संदेश

मुझे लगता है कि पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर नित्यानंद राय की बात सुनकर मैं थोड़ा अजीब महसूस करता हूँ 🤔। अगर वास्तव में बदले की भावना नहीं है, तो फिर वह इतने अधिक प्रतिष्ठित और शक्तिशाली लोगों से लड़ रहे हुए क्या कर रहे हैं? 🤷‍♂️

लेकिन मुझे लगता है कि सच्चाई यह है कि पप्पू यादव को गिरफ्तार करने की बात एक बड़ी राजनीतिक खेल हो सकती है। अगर वास्तव में कानून द्वारा खपा हाथ उन तक पहुंचने की बात सच है, तो फिर पुलिस ने उससे पहले तो इतने बड़े लोगों से लड़कर क्या हासिल किया था? 🚔

मुझे लगता है कि यह एक बड़ा सवाल है और इसकी सच्चाई कैसे बताई जाए। क्या हमें पुलिस की गोपनीयता को लेकर भी चिंतित होना चाहिए? या फिर हमें सिर्फ राजनीति की दुनिया में खेल चलने वाले लोगों पर भरोसा करना चाहिए? 🤝
 
मुझे लगने वाली बात यह है 🤔 कि पप्पू यादव को गिरफ्तार करने के लिए बहुत सी चीजें थीं 💡। सबसे पहले, उनके खिलाफ कई आरोप लगाए गए थे 🚫, और फिर उन्हें पकड़ने में समय लगा 🕰️

लेकिन मेरा मतलब यह नहीं है कि पुलिस ने गलती की हो 🤷‍♀️। पुलिस हमेशा सतर्क रहती है और कानून को लागू करती है 💪

मैं तो सोचता हूं कि अगर कोई व्यक्ति ऐसा करते हैं तो उन्हें पकड़ लिया जाना चाहिए ⚖️। हमारे देश में हर किसी को सम्मान मिलता है और हमें अपने घर में शांति रखनी चाहिए 🏠

लेकिन अगर व्यक्ति कोई गलती करते हैं तो उन्हें सजा भी मिलनी चाहिए 🚫
 
नीतू जी के कहने से मुझे लगता है कि पुलिस भारतीय समाज को बेहतर बनाने के लिए बहुत ज्यादा प्रयास कर रही है। पप्पू यादव की गिरफ्तारी तो शायद इसीलिए हुई क्योंकि उन्होंने एक निर्णय को बदल दिया, और बदला लेने की भावना से उसे दबाना पड़ा। लेकिन अगर हम सच्चाई को समझेंगे तो यह सब कुछ ही फाइल्स के साथ चलने का एक हिस्सा है। पुलिस ने उसकी एफआईआर दर्ज करने और ज्यूडिशियल वारंट जारी करने की प्रक्रिया में बहुत धैर्य रखा, लेकिन उसके बदले वह उसे पकड़ ली।
 
ये तो पुलिस की स्थिति ही बदल गई, अब नीत्यानंद राय जी इतने बड़े विपक्षी लोगों को पकड़ने में सक्षम नहीं ? पहले भी कई बार ऐसा हुआ है और फिर भी पुलिस ने कभी अपनी गलतियों को स्वीकार नहीं किया। पप्पू यादव जी की गिरफ्तारी में कुछ नया नहीं हुआ, बस यह दिखाई देता है कि पुलिस तैयार हुई है।
 
पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर सोचने के बाद मुझे लगता है कि यह घटना कुछ और है जिसे लोग आसानी से समझ नहीं पाएंगे। उन लोगों की बातें सुनने में आती हैं जो कहते हैं कि पप्पू यादव ने क्या गलत किया था, लेकिन अगर वास्तव में वह कुछ गलत किया था तो उन्हें पहले से ही पकड़ लिया जाना चाहिए।

मेरा मानना है कि पुलिस और कानून द्वारा कोई भी निर्णय ही सही होता है, इसलिए अगर एफआईआर दर्ज हो रही है तो वहां तक पहुंचने से पहले लोगों को अपने विचारों पर विचार करना चाहिए। हमें यह सोचकर आगे बढ़ना चाहिए कि कानून द्वारा जो निर्णय लिया गया है वह हमेशा सही था।
 
मुझे तो यह अच्छा नहीं लगता कि पुलिस इतनी आसानी से कुछ लोगों को पकड़ लेती है 😐। क्या यहाँ कोई नियम नहीं हैं? मेरी बात नहीं समझी। वहीं, पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर भी तो बहुत सारे सवाल उठते हैं। क्या उनकी गिरफ्तारी से देश की सुरक्षा बढ़ेगी? मुझे लगता है कि इस चीज़ पर बात करने से पहले पता चलना चाहिए कि पुलिस के पास यह ताकत क्यों नहीं हुई।
 
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