मुझे लगता है कि पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर नित्यानंद राय की बात सुनकर मैं थोड़ा अजीब महसूस करता हूँ
। अगर वास्तव में बदले की भावना नहीं है, तो फिर वह इतने अधिक प्रतिष्ठित और शक्तिशाली लोगों से लड़ रहे हुए क्या कर रहे हैं? 
लेकिन मुझे लगता है कि सच्चाई यह है कि पप्पू यादव को गिरफ्तार करने की बात एक बड़ी राजनीतिक खेल हो सकती है। अगर वास्तव में कानून द्वारा खपा हाथ उन तक पहुंचने की बात सच है, तो फिर पुलिस ने उससे पहले तो इतने बड़े लोगों से लड़कर क्या हासिल किया था?
मुझे लगता है कि यह एक बड़ा सवाल है और इसकी सच्चाई कैसे बताई जाए। क्या हमें पुलिस की गोपनीयता को लेकर भी चिंतित होना चाहिए? या फिर हमें सिर्फ राजनीति की दुनिया में खेल चलने वाले लोगों पर भरोसा करना चाहिए?
लेकिन मुझे लगता है कि सच्चाई यह है कि पप्पू यादव को गिरफ्तार करने की बात एक बड़ी राजनीतिक खेल हो सकती है। अगर वास्तव में कानून द्वारा खपा हाथ उन तक पहुंचने की बात सच है, तो फिर पुलिस ने उससे पहले तो इतने बड़े लोगों से लड़कर क्या हासिल किया था?
मुझे लगता है कि यह एक बड़ा सवाल है और इसकी सच्चाई कैसे बताई जाए। क्या हमें पुलिस की गोपनीयता को लेकर भी चिंतित होना चाहिए? या फिर हमें सिर्फ राजनीति की दुनिया में खेल चलने वाले लोगों पर भरोसा करना चाहिए?