'राष्ट्रवादी दंगों' से बदले में 'निशाने पर आना'
पंजाब में 15 नवंबर को जब एक बाइक सवार ने अपने गले वाले लोगों को गोलियां बरसाईं, तभी पुलिस ने दोनों साथियों को पकड़ लिया। वहीं, इस हमले में संलग्न 3 लोगों का शव बाद में उनकी पत्नियों को छोड़कर शहर के अस्पतालों में रख दिया गया।
अगर भारत में खालिस्तानी आतंकवादी संगठन है, तो उन्होंने युवाओं और पुलिस, या फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं के निशाना बनने की कोशिश नहीं की है। इस मामले की जांच में कहा गया है कि नवीन की हत्या में RSS का बैकग्राउंड था।
पंजाब में 15 नवंबर को जब एक बाइक सवार ने अपने गले वाले लोगों को गोलियां बरसाईं, तभी पुलिस ने दोनों साथियों को पकड़ लिया। वहीं, इस हमले में संलग्न 3 लोगों का शव बाद में उनकी पत्नियों को छोड़कर शहर के अस्पतालों में रख दिया गया।
अगर भारत में खालिस्तानी आतंकवादी संगठन है, तो उन्होंने युवाओं और पुलिस, या फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं के निशाना बनने की कोशिश नहीं की है। इस मामले की जांच में कहा गया है कि नवीन की हत्या में RSS का बैकग्राउंड था।