मुझे लगता है कि यह तो बहुत जरूरी बात है कि हम लोकतंत्र को बनाए रखें। अब भारत में गोडसेवादी विचारों से बचना बेहद जरूरी है। मैंने अपने पिताजी की कहानियां सुनाई थीं जब वह युवा थे, उन्होंने मुझे बताया था कि 1947 के समय में भारत विभाजन के बाद उनकी गांधीजी की बहुत बड़ी सार्थकता हुई थी।