सोनागाछी की यौनकर्मियों ने बताया कि जब वे 16 साल की थीं, तो उन्हें तस्करी कर लाया गया था। उनके परिवार के पास पहुंने पर वे अपनाने में असमर्थ रहे, जिससे अब वे उनकी मदद नहीं कर सकते।
उनकी कहानी को सुनकर एक महिला, जो लाइन में खड़ी थी, ने बताया कि उसका भी पिता उसके परिवार के पास पहुंने पर निलंबित हो गए, क्योंकि वह पुराने वोटर लिस्ट से पारिवारिक लिंक साबित करने का विकल्प नहीं दिखाई देता था। अब उसकी बेटी, जो एनजीओ में रहती है, उसे भी मदद नहीं कर सकती।
अगर इन युवाओं के परिवार उनकी मदद न करें, तो उनकी स्थिति और भी खराब होती जाएगी। पुलिस विभाग और अन्य एजेंसियों को जरूरी कदम उठाना चाहिए।
उनकी कहानी को सुनकर एक महिला, जो लाइन में खड़ी थी, ने बताया कि उसका भी पिता उसके परिवार के पास पहुंने पर निलंबित हो गए, क्योंकि वह पुराने वोटर लिस्ट से पारिवारिक लिंक साबित करने का विकल्प नहीं दिखाई देता था। अब उसकी बेटी, जो एनजीओ में रहती है, उसे भी मदद नहीं कर सकती।
अगर इन युवाओं के परिवार उनकी मदद न करें, तो उनकी स्थिति और भी खराब होती जाएगी। पुलिस विभाग और अन्य एजेंसियों को जरूरी कदम उठाना चाहिए।