Mark Tully करते थे भारत पर जान निसार, बनना था पादरी-बन गए जर्नलिस्ट, जिलियन ने हिंदी साहित्य से जोड़ा

मार्क टुल्ली की पत्रकारिता ने मुझे यह सोचने पर मजबूर किया है कि हमें अपने समाज की जड़ों को समझने के लिए हमेशा खुद को नए दृष्टिकोण से पेश करना चाहिए। उनकी 30 वर्षों की यात्रा ने उन्हें वास्तविकता के बारे में एक नया दृष्टिकोण प्रदान किया, जिसमें उन्होंने भारतीय समाज और संस्कृति को समझने की कोशिश की। यह हमें सोचने पर मजबूर करता है कि हम अपने समाज में सामाजिक असमानता और राजनीतिक अस्थिरता के गहरे मुद्दों पर प्रकाश डालने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
 
मार्क टुल्ली की पत्रकारिता को पढ़कर लगता है कि वे भारतीय समाज में एक सच्चे सूत्र हैं। उनकी लेखिका की दिशा ने उन्हें वास्तविकता के बारे में एक नया दृष्टिकोण प्रदान किया, जैसे पहले कोई नहीं था। वह भारत-पाक युद्ध, भोपाल गैस त्रासदी, इंदिरा गांधी की हत्या... सब कुछ ने उनके लेंस को केंद्रित किया। 🤔

उनकी पत्रकारिता ने सामाजिक असमानता, राजनीतिक अस्थिरता और धार्मिक भेदभाव के गहरे मुद्दों पर प्रकाश डाला, जो आज भी बहुत महत्वपूर्ण है। वह सच्चाई के लिए लड़ते रहेंगे, ये उनकी ताकत होगी। 💪
 
बच्चे हमेशा हमारे लिए सबसे बड़ा व्यायाम होते हैं 🤸‍♀️, और मुझे लगता है कि जैसे-जैसे देश आधुनिक होता जा रहा है, हमें अपने बच्चों को समझने और उनकी जरूरतों को पूरा करने के तरीके खोजने की आवश्यकता है। मार्क टुल्ली की पत्रकारिता ने मुझे यही सोच दिलाई है कि हमें अपने समाज में सामाजिक असमानता और राजनीतिक अस्थिरता के गहरे मुद्दों पर प्रकाश डालने की आवश्यकता है।
 
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