पैरोल में मर्डर, जेल से वसूली, कौन हैं किलर ब्रदर्स: सलीम-रुस्तम तिहाड़ में, एप बाइक चलाकर गुजारा कर रहा सोहराब कोलकाता से अरेस्ट

सलीम और रुस्तम गैंग ने अपना पहला मर्डर ईद की तैयारी के समय किया था। चांद रात 2005 में तीनों ने लखनऊ के दो शहरों में एक साथ तीन मर्डर किए। पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पाई थी।
 
वह दिन भूल गए हैं जब सलीम और रुस्तम गैंग की बात करते थे, लेकिन आज याद आ गया कि उनके मर्डर्स में जो चांद रात हुई थी, वो हमेशा के लिए खत्म नहीं हुई थी। लखनऊ के दोनों शहरों में तीन मर्डर हुए, और पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पाई। यह बहुत ही चिंताजनक बात है, क्योंकि इससे साफ लगता है कि जासूसी और गुंडागर्दी की समस्या को लेकर सरकार और पुलिस को अभी भी काम करने की जिम्मेदारी नहीं दी गई है।
 
सलीम और रुस्तम गैंग की बात सुनते हुए, मुझे लगता है कि यह देखकर आश्चर्य होता है कि इन तीनों ने अपना पहला मर्डर ईद की तैयारी के समय कर दिया था। चांद रात 2005 में लखनऊ के दो शहरों में तीन मर्डर किए, यह बहुत बड़ा अपराध है। पुलिस उन्हें पकड़ने में असमर्थ रही, जिससे सारे समुदाय में डर और असुरक्षा की भावना फैल गई।

इन दिनों तो ऐसे कई अपराध होते हैं जहां पर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया है, लेकिन सलीम और रुस्तम गैंग की बात सुनते हुए मुझे लगता है कि जिंदगी में एक अपराध करने वाले को दूसरों के अपराधों से निर्धारित नहीं किया जा सकता।

इसीलिए, अगर हम इस तरह के अपराधों को रोकना चाहते हैं तो हमें अपनी समाज में शिक्षा, न्याय और सुरक्षा की भावना पैदा करनी होगी।
 
सलीम और रुस्तम गैंग की ऐसी गतिविधियाँ कैसे हो सकती हैं जिससे लोगों का डर बढ़ जाए ? मुझे लगता है कि यह दुनिया की एक बड़ी समस्या है, जहाँ लोग अपने रिश्तों और समाज से दूर हो गए हैं। वे इतने ही अकेले हैं कि अपने आप को मारने का साहस नहीं लेते ? यह तो बहुत दुखद है... **शांति की दुविधा**
 
सलीम और रुस्तम गैंग की कहानी देखकर मुझे बहुत चिंता होती है 🤔। ये दो लड़के इतने खतरनाक थे कि पुलिस उन्हें पकड़ने में असफल रही। लखनऊ में उनके तीन मर्डर्स ने दो शहरों में डर और घबराहट फैला दी था। यह सोचकर मुझे शर्म आती है कि कैसे एक वर्ग से ऐसे खतरनाक व्यक्ति उभर पाए। पुलिस ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उनकी जासूसी क्षमता बहुत अच्छी थी। यह घटना हमारे देश में अपराध की बढ़ती समस्या को दर्शाती है।
 
अरे वाह, सलीम और रुस्तम गैंग की बात करते हुए मुझे लगता है कि यह सब कुछ फिल्म देखकर सीखा गया होगा। यह तो बहुत ही जोखिम भरा खेल है, मर्डर कर लेते हैं और फिर पुलिस को पकड़ नहीं पाते। मुझे लगता है कि ये दोनों शख्स चालाक थे और उनकी प्लानिंग बहुत अच्छी थी। लेकिन यह तो एक वास्तविकता है कि हमें अपनी सुरक्षा के बारे में सोचना चाहिए।
 
सलीम और रुस्तम जैसे गैंगस्टर खिलाफ बात करना बहुत दुखद है 🤕। मुझे लगता है कि उनकी कहानी एक बड़ा संदेश देती है - यह कि हमें अपने समाज में व्यवस्था और सुरक्षा के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए। पुलिस को भी उनकी पकड़ नहीं होने के बारे में खेद होगा, लेकिन यह एक बड़ा सबक भी है कि हमें अपने समाज की सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। मर्डर जैसी घटनाएं हमारे समाज को दुखित करती हैं और हमें एक साथ मिलकर उनके खिलाफ लड़ना होगा। हमें अपने बच्चों को ऐसी ही दुनिया नहीं देनी चाहिए, जहां मौत की भावना राज करती है।
 
जी हाँ, सलीम और रुस्तम गैंग की कहानी बहुत ज्यादा दिलचस्प है 🤔। लेकिन मुझे लगता है कि उनकी यह कहानी ने हमें सोचने पर मजबूर किया होगा। ये तीनों व्यक्ति कैसे अपने रास्ते पर आए थे, और उन्हें ऐसा बुरा मार्ग चुनने की क्या वजह थी? 🤷‍♂️

मुझे लगता है कि हमें यह सोचना चाहिए कि हम अपने समाज में ऐसे लोगों को कैसे रोक सकते हैं जो ऐसी गलतियाँ करते हैं। और हमें यह भी सोचना चाहिए कि हमारी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे मामलों में तेजी से काम करने की कैसे क्षमता देनी है। 🚔💨

लेकिन एक बात तय है, सलीम और रुस्तम जैसी कहानियाँ हमें कभी नहीं भूलनी चाहिए, और हमें इनसे सीखने की कोशिश करनी चाहिए।
 
वाह! यही सही है कि ऐसे खिलाड़ी भी बचपन से ही अपराधी होने लगते हैं... सलीम और रुस्तम जैसे नाम तो लगता ही है कि वे दोनों किसी गैंगस्टर फिल्म में ही हैं। लेकिन जब हम उन्हें पढ़ते हैं तो लगता है कि युवाओं की प्रेरणा कौन सी है? क्या आजकल के युवा खेलों में रुचि नहीं लेते हैं? उनकी स्कूल या कॉलेज की जिंदगी तो बिल्कुल भी नहीं दिखाई देती। और फिर ये तीनों ने अपना पहला मर्डर ईद की तैयारी में ही किया था। यह बहुत चिंताजनक है...
 
सलीम और रुस्तम गैंग की कहानी बहुत ही दिलचस्प है... मुझे लगता है कि उनके अपराध को समझने के लिए हमें उनके बचपन से शुरू करना होगा। जैसे कि सलीम और रुस्तम दोनों ने अपने बचपन में क्या संघर्ष किया, क्या दबाव उन्हें ऐसे व्यक्ति बनाया?

उनकी गैंग स्टाइल की अपराध की वजह से लोगों को बहुत डर लगता है... लेकिन मुझे लगता है कि अगर हम उनकी कहानी पर ध्यान दें और उन्हें समझने की कोशिश करें, तो शायद हम उन्हें एक व्यक्ति के रूप में देख पाएं जो अपने जीवन से गुजर रहा है।

लेकिन अभी भी सवाल उठता है कि अगर उन्हें पकड़ा गया होता, तो उनके परिवार और समाज कैसा महसूस करते?
 
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