पुतिन अपनी स्पेशल कार छोड़ पीएम मोदी के साथ बैठे: चलता-फिरता किला है पुतिन की कार, बैठे-बैठे कर सकते हैं न्यूक्लियर अटैक

व्लादिमीर पुतिन ने रूस से अपनी ऑरस सीनेट कार छोड़कर भारत पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठकर एयरपोर्ट से रवाना हुए। इस दौरान, पुतिन ने सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ दिया। इससे पहले, वो रूस से हवाई जहाज पर आकर भारत पहुंचे।
 
ਸੋ ਪुतिन की यात्रਾ ਦਾ ਮੱਥੂਆ ਕੀ ਹੈ? ਉਹ ਅੱਜ ਤਕ ਰੁਸੀ ਵਿੱਚ ਨਾ ਪੇਚਦੇ ਲੱਗ ਰਹੇ ਹਨ, ਅਜ਼ਾਦੀ ਦਾ ਭਰਮ ਕਿੱਥੋਂ ਆਇਆ? ਪਤਨ ਅਵਸਥਾ ਵਿੱਚ ਹੋਣ ਲੱਗੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਭਾਰਤ ਆਉਣਾ ਕਿੱਥੀ ਨਵੀਨ?
 
😊 यह अच्छा है कि व्लादिमीर पुतिन रूस से हमारे देश में आये हैं। उनकी इस यात्रा से हमें नए विचारों और अनुभवों का मौका मिलेगा। लेकिन, प्राइम मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एयरपोर्ट पर बैठकर रवाना होने के दौरान उन्होंने सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ दिया, यह थोड़ा चिंताजनक है। हमें उम्मीद है कि वे इस मौके पर हमारे देश और लोगों की नज़रबंदी करते हुए अपना काम ठीक से करें। 🤞
 
पutin की जास्ती तो है बिल्कुल। वह इतना जल्दी से भारत आ गया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ दिया। चेतावनी में नहीं रहे क्योंकि हमारा एयरपोर्ट इतना बड़ा है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमें बिना कोई सावधानी रखकर बाहर निकलने देना चाहिए। पutin जैसे लोग हमेशा अपने फायदे के लिए जास्ती करते रहते हैं।
 
मैंने पढ़ा कि व्लादिमीर पुतिन ने ऑरस सीनेट कार छोड़कर भारत आ रहे हैं, लेकिन मुझे लगता है कि यह तो बहुत देर से पहले ही पता चल गया था। अगर सचमुच वह रूस से हवाई जहाज पर आकर आया, तो ये बहुत ही अनोखी बात होगी। लेकिन मैंने पढ़ा कि उन्होंने एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठकर रवाना हुए, इससे पहले कि वह किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल को तोड़ दें। यह तो बहुत ही अजीब है, मुझे लगता है कि उन्होंने अपना फैसला पहले से ही लिया होगा।
 
Putin की बात में थोड़ा सवाल है 🤔, भारत आते ही एयरपोर्ट से रवाना होना तो ठीक है, लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ना? यह तो और भी ज्यादा चिंताजनक है 😬। Putin को पता होना चाहिए कि भारत में एयरपोर्ट पर सुरक्षा बहुत गंभीर है, तो फिर वो कैसे तोड़ सकता? 🤷‍♂️

रूस और भारत के बीच राजनीतिक संबंधों की बात करें, दोनों देशों में बहुत सारी संभावनाएं हैं। लेकिन ऐसे मामले तो नहीं होने चाहिए जिसमें एक दूसरे के प्रति सम्मान की कमी दिखाई दे। 🙏

Putin की यात्रा की यह पहली बार है, मुझे लगता है कि भारत में उन्हें बहुत अच्छा स्वागत मिलेगा। लेकिन इतना भी कहना चाहिए कि हमें उनके देश की समस्याओं पर ध्यान रखना चाहिए, भले ही वो हमारे देश के साथ अच्छे संबंध बनाने की कोशिश कर रहे हों। 🤝
 
रूसी नेता क्या लोग हैं? सबसे पहले अपनी सीनेट कार छोड़कर भारत आते हैं और फिर एयरपोर्ट पर बैठने की मुश्किल से तो नहीं करते! 🤣 यह सब कुछ मुझे थोड़ा अजीब लगता है। प्रधानमंत्री जी के साथ बैठकर रवाना होने से पहले, पुतिन ने अपनी सुरक्षा को क्यों छोड़ दिया? और हवाई जहाज पर आकर भारत पहुंचने के लिए क्या विशेष जरूरत थी? यह सब तो बहुत अजीब है! 😒
 
😒 पुतिन की जीत से भारत की अर्थव्यवस्था और बाजार में गिरावट आने की संभावना है। रूस के साथ व्यापार बढ़ाने की इस कोशिश को लेकर लोगों को आश्वासन चाहिए। पुतिन की नाक पर लगी छोटी-छोटी बीमारियाँ देखकर मुझे गरीबों की समस्याओं पर सोचने का मौका मिला।
 
अरे, यह क्या कर रहे हैं? पुतिन जी कैसे सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ सकते हैं? यार, ऐसी चीजें होती हैं तो लोगों की राय में भी बदलाव आ जाता है... 🤔

मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी नज़रबंदी करनी चाहिए थी, ताकि यह दिखाई दे कि सुरक्षा को कोई भी तोड़ने की जगह इसकी मजबूती है... 👮‍♂️ और लोगों को आश्वासन दिया जाए।
 
ਪੁਟਿਨ ਦਾ ਆਇਆ ਬਹੁਤ ਕੁਝ ਵਰਤੋਂ ਲਈ ਚੰਗਾ ਸਮਝਦਾ ਹਾਂ, ਉਹ ਵਿਜ਼ਨ ਅਤੇ ਪ੍ਰਯੋਗਸ਼ੀਲ ਹੈ। ਮੈਂ ਉਸ ਦੇ ਪੱਛਮੀ ਵਿਚਾਰਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਬਜ਼ਾਰਕਾਰੀ ਲਈ ਸਹੀ ਅਤੇ ਉਦਯੋਗਸ਼ੀਲ ਵਿਚਾਰਾਂ ਨਾਲ ਜੁੜਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਦਾ ਹੈ।
 
वाह! Putin India aaya hai 🤯. Toh kya woh Bharat mein kuch samajh nahi paa raha? Unhone airport se nikal kar Prem Modi ke saath baithke chal diye, isse to humare doston ka khilaaf koi galat nahin hai 🙅‍♂️. Aur unhone security protocols ko tood doon, yeh toh bahut bura maza hai 😳.

Mujhe lagta hai, Russia ka Putin Bharat mein kuch samajhne ke liye nahi aaya, balki unki khud ki ichchha se aaya hai. Kya woh Bharatiya logon ko dhundh raha hai? Nhi, to humein koi ummeed nahin chahiye 😔.

Toh aaiye, hum Putin ko dhyan se dekhenge aur dekhenge ki waah kya usne Bharat mein aaya hai 🤗.
 
मुझे यह बात अजीब लगी कि व्लादिमीर पुतिन और नरेंद्र मोदी के बीच क्या बात हुई, लेकिन वह रूस से आगरा आये तो क्या? 🤔 मुझे लगता है कि भारतीय नागरिकों को एयरपोर्ट पर एक्सेस मिलना चाहिए। पुतिन ने कुछ ऐसी बातें कही जो मुझे समझ नहीं आई, और सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ देना भी बहुत अजीब है। मुझे लगता है कि उनकी कार के लिए ऑरस सीनेट निकलना था तो वो यहां से पहले हवाई जहाज पर आ जाए।
 
मेरी बात है... पुतिन को देखकर मुझे थोड़ा अजीब महसूस होता है। वह अपनी ऑरस सीनेट कार छोड़कर भारत आया, और फिर तुरंत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एयरपोर्ट पर बैठने लगा। ऐसा लगता है जैसे उन्होंने रूस से हमेशा यहीं की दुनिया से खास कर गुजरना शुरू कर दिया हो। और फिर, ये बात तो मजाक नहीं है। पुतिन ने सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ दिया, जैसे कि वह वास्तव में हमारी सुरक्षा की दुनिया को समझ रहे हैं? यह तो हैरान करने के बजाय, आभारी होने लगा। लेकिन फिर भी, मुझे लगता है कि यह एक रोचक पल था, जिसे हम कभी नहीं भूलेंगे।
 
रूस की सरकार की क्यों ऐसी गलती कर रही है? पुतिन ने रूस छोड़कर भारत आया तो एयरपोर्ट पर कैसे सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ सकता है? यह जरूर एक बड़ा मुद्दा होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इस दौरान बहुत अच्छा व्यवहार किया, लेकिन रूस के सरकारी अधिकारियों को जरूर समझाया जाना चाहिए कि इतनी सावधानी बरतनी चाहिए। भारत में हमेशा एक अच्छा इम्प्रेसन किए जाते हैं लेकिन यह तो एक बड़ा अपमान है। रूस को जरूर अपने अधिकारियों को फिर से सिखाया जाना चाहिए।
 
पुतिन की यह यात्रा से हमें खुश नहीं होना चाहिए, लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि उनकी इस बातीला दिखावा तो बड़ा अच्छा है। वो अपनी ऑरस सीनेट कार छोड़कर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठकर एयरपोर्ट पर रवाना होना... यह तो कुछ नहीं बल्कि बहुत शानदार दिखावा है। लेकिन, याद रखना ज़रूरी है कि उनकी सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ना कभी भी अच्छा नहीं होता। और, इस बात में पुतिन को कुछ सीखने को कहीं खासा है कि हवाई जहाज पर आकर देशों में आने से पहले कौन से कदम उठाए जाते हैं। फिर भी, यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि हमारी दुनिया में बहुत कुछ होता रहता है। 🤔
 
मुझे यह तो बहुत चिंताजनक लगता है 🤕 कि पुतिन जी ने एयरपोर्ट पर सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ दिया। ऐसा करने की वजह तो नहीं पता है, लेकिन यह जरूर एक बड़ा मुद्दा है। कोई भी व्यक्ति अपने साथ लाया गया सेनेटरियम जैसी चीज, एयरपोर्ट पर रखने का बहुत ही अनावश्यक और खतरनाक हो सकता है। प्रधानमंत्री जी ने इस मामले में बहुत समझदारी दिखाई, लेकिन ऐसे मौकों पर सुरक्षा को ध्यान में रखना जरूरी होता है 🙏
 
🤔 मुझे लगता है कि पुतिन जी की यह यात्रा कुछ अजीब लग रही है। पहले तो मैंने सुना था कि उन्हें कोई विशेष मौका दिया गया होगा, लेकिन अब मुझे लगता है कि शायद उनके पास और भी बहुत चीजें छुपी हुई होंगी। एयरपोर्ट पर सुरक्षा तोड़ने की बात तो सचमुच हैरान करने वाली बात लग रही है। मुझे लगता है कि उन्हें शायद कुछ गंभीर काम करना होगा, लेकिन इसके पीछे की वजह क्या है, यह पता चलने तक मैं थोड़ा अनिश्चित हूँ। 🤷‍♂️
 
अरे यार, पुतिन जी का यह कदम दिल में खूब खेद भर गया है 🤕। उनके ऑरस सीनेट कार छोड़ने और भारत आ गई, तो कुछ काम नहीं था। लेकिन एयरपोर्ट पर बैठकर प्रधानमंत्री जी के साथ मिलने का यह तरीका थोड़ा अजीब लग रहा है। और सबसे बड़ी चीज, सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ने का यह काम। रूस में उनकी प्रतिष्ठा कैसे रहेगी, यह तो देखना ही होगा। लेकिन भारत में उनका स्वागत करने के बाद, मुझे लगता है कि यह सब एक अच्छा काम था।
 
रूसी नेता की गाड़ी छोड़कर भारत आ गई 🚗, लेकिन वह यहाँ अपनी सुरक्षा तैयार नहीं कर पाया… याने जो खेलता है वो खेल के दौर में ही हरा-भरा होता है… पुतिन सीनेट छोड़कर और भारत आ गए, लेकिन पहले तो उन्होंने हवाई जहाज पर ही अपना दौरा किया।
 
भारत में रूसी राष्ट्रपति का आना बहुत रोचक है 🤔। मुझे लगता है कि यह एक अच्छा अवसर हो सकता है कि हम दोनों देशों के बीच व्यापार और संबंधों को बढ़ावा दिया जा सके। लेकिन, पुतिन ने एयरपोर्ट पर सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़कर भारत पहुंचा, तो मुझे थोड़ा चिंतित होने लगा 🚨। क्या यह एक गलत फैसला था? क्या हमें यह नहीं सोचा चुके थे कि पुतिन जैसी सरकारों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल बहुत महत्वपूर्ण है? 🤷‍♂️
 
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