पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों पर दिए गए बयान से शरणार्थी मतुआ समुदाय को निराशा हुई है। लाल सिंह आर्य ने कहा था कि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनका नाम वापस जोड़ा जाएगा। इसके बाद हुए बयान और इस प्रक्रिया पर केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर के समर्थकों ने मतुआ समुदाय से मारपीट के आरोप लगाए हैं।
मतुआ समुदाय का यह दावा है कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस मामले में उनकी ओर से बात नहीं की। इसके अलावा, मतुआ समुदाय ने कहा है कि SIR में जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें वापस जोड़ा जाएगा।
इस पर शांतनु ठाकुर ने बात नहीं की, जबकि उनके समर्थकों ने कहा है कि यह आरोप गलत था। मतुआ समुदाय ने इस मामले में एक सड़क जाम का ऐलान किया है।
मतुआ समुदाय बांग्लादेश से आए दलित हिंदू शरणार्थियों का बड़ा समूह है, जो चुनाव के दौरान प.बंगाल के उत्तर 24 परगना, नदिया और दक्षिण 24 परगना जिलों में निर्णायक भूमिका निभाता है।
मतुआ समुदाय का यह दावा है कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस मामले में उनकी ओर से बात नहीं की। इसके अलावा, मतुआ समुदाय ने कहा है कि SIR में जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें वापस जोड़ा जाएगा।
इस पर शांतनु ठाकुर ने बात नहीं की, जबकि उनके समर्थकों ने कहा है कि यह आरोप गलत था। मतुआ समुदाय ने इस मामले में एक सड़क जाम का ऐलान किया है।
मतुआ समुदाय बांग्लादेश से आए दलित हिंदू शरणार्थियों का बड़ा समूह है, जो चुनाव के दौरान प.बंगाल के उत्तर 24 परगना, नदिया और दक्षिण 24 परगना जिलों में निर्णायक भूमिका निभाता है।