राजस्थान-MP के 37 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे: 8 दिसंबर से और बढ़ेगी ठिठुरन; उत्तराखंड-हिमाचल में बर्फबारी का अलर्ट, केदारनाथ में -14° पारा

राजस्थान में ठिठुरन बढ़ रही है। शुक्रवार को राज्य के 18 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया। जयपुर में पहली बार तापमान 9.2 डिग्री दर्ज हुआ। सबसे ठंडा इलाका फतेहपुर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री दर्ज हुआ।

सीकर के शेखावाटी में ओस की बूंदें जमने से खेतों में पाला पड़ना शुरू हो गया है। इससे फसलों को नुकसान हो रहा है। मध्य प्रदेश के भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर सहित 19 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया। पचमढ़ी से पारा सबसे कम 5.8 डिग्री पर पहुंच गया।

उत्तराखंड के केदारनाथ, बद्रीनाथ, पिथौरागढ़, चमोली सहित कई इलाकों में भीषण सर्दी पड़ रही है। केदारनाथ में तापमान माइनस 14 डिग्री और बद्रीनाथ में माइनस 11 डिग्री दर्ज पहुंच गया। पिथौरागढ़ और चमोली में नदी-नाले जम गए हैं।

हरियाणा में सर्द हवाएं चल रही हैं। इसके कारण तापमान में गिरावट लगातार जारी है। नारनौल राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री दर्ज किया गया। हिसार में 3.7 डिग्री, करनाल में 7.0 डिग्री, अंबाला में 7.7 डिग्री और चंडीगढ़ में 6.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
 
बिल्कुल, ये ठंड पूरे देश में बुरी तरह फैल गई है। लेकिन कुछ लोग यह कह रहे हैं कि इससे ग्रहण परिवर्तन का संकेत मिलता है। मुझे लगता है कि ये तापमान बढ़ने से पहले देखें। शायद इससे हमारी जलवायु बेहतर हो सकती है और पालों को भी ठंड के समय फसलें नहीं खोनी चाहिए।
 
बहुत ठंड हो रही है 🥶😓 राजस्थान में सबसे पहले तो जयपुर का तापमान आ गया 9.2 डिग्री और फतेहपुर में सिर्फ 1.9 डिग्री। इससे फसलों पर नुकसान हो रहा है। सीकर के शेखावाटी में ओस की बूंदें जमने लगी हैं और खेतों में पाला पड़ रहा है।

उत्तराखंड में भी बहुत ठंड हो रही है 😅 केदारनाथ में तापमान माइनस 14 डिग्री और बद्रीनाथ में माइनस 11 डिग्री। नदी-नाले जम गए हैं और लोग ठीक से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।

हरियाणा में सर्द हवाएं चल रही हैं ❄️ और तापमान में गिरावट लगातार जारी है। नारनौल राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री दर्ज किया गया।
 
😔 ठिठुरन बढ़ने की बात सुनकर मुझे थोड़ा परेशानी हो रही है। पहले से ही हमारा देश इतना गर्म है, अब ठंड पैदा करने वाली सर्दी आ गई। राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंचने की बात सुनकर मुझे नहीं अच्छी लगती। फसलों को नुकसान होना एक बड़ी चिंता है। पचमढ़ी से पारा जैसे जगहों पर तापमान इतना कम पहुंच गया कि नदी-नाले जम गए। यह ठिठुरन तेज होते देखकर मुझे डर लगता है। जलवायु परिवर्तन की बात सुनकर हमें बहुत चिंतित होना चाहिए। 😟
 
भारत में ठिठुरन बढ़ने की बात सुनकर मुझे एक सवाल आता है कि हमारी पृथ्वी को यह दुनिया कैसे बरसने देती है? पहले तो हम ग्रीनहाउस गैसों के बारे में बोलते थे, अब ठिठुरन बढ़ने वाली बात क्या है? मुझे लगता है कि हमें अपने जीवनशैली में बदलाव लाना चाहिए, फिर तो हमारी पृथ्वी पर इतनी सर्दी न आ पाए।

मैंने तो पहले ही कई बार कहा था कि इन नए टेक्नोलॉजीज से हमें कोई लाभ नहीं मिल रहा है, बस व्यय बढ़ रहा है और पर्यावरण पर नुकसान पहुंच रहा है।
 
બીજે કાળમાં તો આનાદિ હું થઈશ, ખરી લાગ્યું. એવો જ વાત છે કે આ ઘણી વાર ઝડપથી બને છે, શરૂઆતમાં જ ઊદબ્યો, ફિર સારું અલગ હવાની પેટે. એક ભાષણ છે જે માત્ર બધે આખળ અલગ સાથે ચડી શકે?
 
Rajasthan ki yeh barfbaari sach mein toh bahut badi hai 😬. Jab tak hum apne kharidari me kharch nahi karte, tab tak humein thandagiri se pehle baat karni chahiye. Yeh saral nahi hai ke kaisa log apni galtiyon ka samna karenge. Aur yeh bhi sach hai ki humne yeh kya khela? 🤦‍♂️ Pehle logon ne apne car ko winterize karke hi yah barfbaari kam ho sakti thi, lekin abhi toh har koi car ek winter tire se hi chal raha hai. 😒
 
बिल्कुल हार्दिक, ठिठुरन बढ़ने से फसलों को नुकसान हो रहा है। मैंने पहले भी सुना था कि सीकर का शेखावाटी तेज़ तापमान वाला इलाका है। अब यह ओस की बूंदें जमते देखकर दिल दुखा हुआ। मध्य प्रदेश में भी ठिठुरन बढ़ने से फसलों पर बहुत नुकसान हो रहा है। उत्तराखंड की तापमान में गिरावट एकदम क्रायस्टल की तरह जारी है
 
बात है तो राजस्थान की ठिठुरन की और बढ़ती हुई, ये तो सर्दी का पत्रक ही है। पिछले वर्षों से ऐसा नहीं देखा गया था, मुझे लगता है कि जलवायु परिवर्तन की बात सुनकर कहीं और भी कहीं कहनी चाहिए, लेकिन यहाँ जैसा हो रहा है तो बहुत बड़ी चिंता की बात है। शुक्रवार को जयपुर में पहली बार इतनी ठंड हो गई, ये तो एक नया रिकॉर्ड है। पाला फसलों में आ रहा है, इससे नुकसान होता है, और सूखे की भी दुविधा हो सकती है… 🌨️
 
राजस्थान में ठिठुरन बढ़ रही है! यह तो दिल को ठीक नहीं सूझता कि खेतों में पाला पड़ने लगे है। शेखावाटी में ओस की बूंदें जमने से नाराज़ होना चाहिए? फसलों को नुकसान हो रहा है, यह तो हमारी दशा नहीं है! उत्तराखंड के केदारनाथ, बद्रीनाथ और पिथौरागढ़ में भीषण सर्दी पड़ रही है, तो फिर क्यों? कोई हल निकालने की जरूरत है, बिना हल निकालने का खेल नहीं चलेगा।
 
बहुत बुरा मौसम हो रहा है... ठिठूरन बढ़ रही है, नाले जम गए हैं, पेड़ों की पत्तियाँ झड़ने लगी हैं... शुक्रवार को राजस्थान में तापमान 10 डिग्री से नीचे गया था, यह तो बहुत बड़ी बात नहीं है, लेकिन जयपुर में पहली बार तापमान 9.2 डिग्री दर्ज हुआ, यह कितना ठंडा है... और फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री दर्ज हुआ, यह तो बहुत सिर्फ था...

मध्य प्रदेश में भी ऐसे ही कई शहरों में तापमान कम हो गया था, इससे फसलों को नुकसान हो रहा है... और उत्तराखंड में केदारनाथ, बद्रीनाथ, पिथौरागढ़, चमोली जैसे इलाकों में भीषण सर्दी पड़ रही है, यह तो बहुत सिर्फ था...

हरियाणा में तापमान कम होने लगा है... इससे नारनौल राज्य का सबसे ठंडा स्थान बन गया है, और हिसार, करनाल, अंबाला, चंडीगढ़ जैसे शहरों में तापमान भी कम हो गया था...
 
बीते कुछ दिनों से ठिठुरन बढ़ रही है, और यह बिल्कुल सही नहीं है। राजस्थान में 9.2 डिग्री तक गिर गया तापमान, जयपुर में पहली बार ऐसा हुआ। इससे लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं, बल्कि सरकार और जलवायु परिवर्तन की समस्याओं को हल करने की जरूरत है। मध्य प्रदेश में तापमान 10 डिग्री से नीचे गया, इससे खेतों में पाला पड़ना शुरू हुआ, और यह बहुत दुखद है। उत्तराखंड में भीषण सर्दी पड़ रही है, केदारनाथ में तापमान -14 डिग्री दर्ज किया गया, इससे लोगों को बहुत परेशानी हो रही है।

सर्दी के दौरान, खेतों में पाला पड़ने, जल संसाधनों में समस्याएं, और लोगों को परेशान करने वाली ठिठुरन से बचने के लिए हमें एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। शुक्रवार को 18 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे गया, इससे निकलने का कोई तरीका नहीं है, बस हमें प्रतिक्रियाशील होकर काम करने की जरूरत है। 🌨️
 
बात बढ़िया, ठिठुरन की बढ़ती हुई, तो हमारे देश की खेती पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। फसलों को नुकसान पहुंच रहा है, तो इस बारे में सोचना जरूरी है। हमें खुद अपने घरों को तैयार रखना होगा, लेकिन फिर भी ज़रूरी है कि सरकार और प्रशासन ने भी इसके समाधान के लिए कदम उठाएं।
 
बात भाई, यह ठिठुरन बहुत बढ़ गई है… राजस्थान में सबसे पहले ठंड लग रही है, फिर मध्य प्रदेश और हरियाणा … कि तापमान 10 डिग्री से नीचे आ गया है। यह ठिठुरन क्यों हो रहा है, इसका जवाब नहीं मिल रहा है। शुक्रवार को जयपुर में पहली बार तापमान 9.2 डिग्री दर्ज हुआ, फतेहपुर में 1.9 डिग्री… यह ठिठुरन भीड़भाड़ वाले शहरों में सबसे अधिक महसूस हो रहा है।
 
बात फैले कि राजस्थान में ठिठुरन बढ़ रही है। शुक्रवार को शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे आ गया। जयपुर में सबसे पहले कभी 9.2 डिग्री का तापमान देखा गया। इससे फसलों में खेद आ रहा है, खासकर पाला को लेकर। ओस की बूंदें जमने से शेखावाटी में किसानों का परेशान होना बढ़ जाता है। उत्तराखंड में भी सर्दी बहुत ही गंभीर है। केदारनाथ और बद्रीनाथ में तापमान माइनस 14 और 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह ठीक से समझ नहीं आया कि यह ठिठुरन कहाँ से आ रही है और कब तक चलेगी। 🤔
 
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