रेलवे में चल रही बड़ी धांधली के खिलाफ कड़ा एक्शन, अब करोड़ों लोग नहीं कर पाएंगे टिकट बुक

भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग सिस्टम में एक बड़ा बदलाव लाया है जिसमें संदिग्ध यूज़र आईडी को डीएक्टिवेट कर दिया गया है। अब 3.02 करोड़ यूज़र्स के खिलाफ टिकट बुकिंग पर रोक लगाने की संभावना है। यह बदलाव साइबर सुरक्षा उपायों के तहत लागू किए गए हैं, जिनमें फर्जी बुकिंग, जालसाजी और बॉट्स को रोकने की बड़ी धांधली को समाप्त करना शामिल है।

रेलवे ने अपने टिकट बुकिंग सिस्टम में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। इससे अब टिकट बुकिंग पर होने वाली फर्जी गतिविधियों को रोकने में मदद मिलेगी। इस बदलाव से लोगों को टिकट बुकिंग के दौरान चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन इससे सुरक्षित और विश्वसनीय टिकट बुकिंग की सुविधा मिलेगी।
 
इस बदलाव ने मुझे थोड़ा आश्चर्यकारी लगा 🤔। लगता है कि रेलवे ने अपने पास एक अच्छी तरह से विकसित सिस्टम बनाया है। लेकिन तीन करोड़ यूज़र्स पर रोक लगाने की बात थोड़ी खिल्वाड़ी लगती है 😅। मुझे लगता है कि इससे ज्यादातर लोगों को कोई समस्या नहीं होगी, बस उन्हें थोड़ा धैर्य रखना पड़ेगा।
 
क्या ये बदलाव सही था ? पहले तो देखो कि 3 करोड़ लोग्स को रोकने की कितनी जरूरत थी, शायद इनमें से बहुत सारे लोग्स वैध टिकट बुक करना चाहते थे। मुझे लगता है कि बदलाव अच्छा है, लेकिन ज्यादा नहीं तो ये भी फायदा नहीं करेगा।
 
अरे ये अच्छी खबर है 🤔 साइबर सुरक्षा के बारे में रेलवे ने ऐसा बड़ा बदलाव लाया है। अब हमारे टिकट बुकिंग सिस्टम में तो चोरों को भी आसानी से नहीं मिलेगी। संदिग्ध यूज़र आईडी को डीएक्टिवेट करने से फर्जी बुकिंग, जालसाजी और बॉट्स को रोकने में मदद मिलेगी। यह एक अच्छा बदलाव है 🙌 लेकिन थोड़े प्रयासों की जरूरत होगी, तभी हम इस सिस्टम में पूरी तरह सुरक्षित हो सकते हैं।
 
रेलवे ने अच्छा कदम उठाया है जिसमें टिकट बुकिंग पर रोक लगाने की संभावना है। अब वो फर्जी बुकिंग और जालसाजी को रोकने में मदद करेगा। लेकिन लोगों को थोड़ा समय लग सकता है टिकट बुकिंग करने की आदत बदलनी। फिर भी, यह बदलाव सुरक्षित और विश्वसनीय टिकट बुकिंग की सुविधा देगा। 🚂💻
 
मुझे लगता है कि यह बदलाव बहुत अच्छा होगा। हमेशा से टिकट बुकिंग पर होने वाली समस्याएं देखी जाती हैं और अब रेलवे ने ऐसा बड़ा कदम उठाया है। लेकिन थोड़ा चिंता की बात है कि कुछ लोगों को यह बदलाव पसंद नहीं आएगा। लेकिन सुरक्षा के लिए यह बहुत जरूरी है। मुझे लगता है कि अब टिकट बुकिंग पर होने वाली समस्याएं कम होंगी। 🚂👍
 
अरे यार, तुमने कभी ऐसी स्थिति में होने की कल्पना नहीं की होगी, जब तुम्हारा टिकट बुक करने का प्लान गलती से टूट जाए और तुम्हें रेलवे की ओर से चेतावनी मिल जाए कि तुम्हारा यूज़र आईडी संदिग्ध हो गया है 🚨। तो अब यह बदलाव रेलवे के लिए बहुत जरूरी है, बस तुम्हें इसके बाद थोड़ी परेशानी झेलनी पड़ेगी, जैसे टिकट बुक करने में थोड़ा समय लगेगा और शायद थोड़े से विकल्प नहीं मिलेंगे। लेकिन इससे भी अच्छा है कि अब तुम्हारा डेटा सुरक्षित हो जाएगा 🙌
 
मैंने आज कल ये पढ़ा कि भारतीय रेलवे ने अपना टिकट बुकिंग सिस्टम बदल दिया है तो मैंने सवाल उठाया कि अब तक क्यों लागू नहीं हुआ था? और यह तो साइबर सुरक्षा की बात है, लेकिन ये भी पूछता हूँ कि यह बदलाव देश के सभी के लिए सही है या फिर उन लोगों पर दिया गया है जो टिकट बुकिंग करने में चुनौतियाँ खाते हैं? और अब तो 3 करोड़ से ज्यादा लोगों के खिलाफ रोक लगाने की संभावना है, तो ये ठीक है या नहीं
 
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