‘राहुल के पास हमारे लिए वक्त नहीं, प्रियंका कमान संभालें’: कांग्रेस से सस्पेंड मोहम्मद मुकीम बोले- खड़गे नहीं हटे, तो कुछ नहीं बदलेगा

अरे भाई, यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है... राहुल-प्रियंका जी के पास संगठन बदलने का तरीका तो तय करना होगा, फिर देखेंगे कि देश कैसे चलेगा। मुझे लगता है कि उन्हें अपने राजनीतिक संघर्षों में थोड़ा अधिक संवाद करना चाहिए, बोलकर तो नहीं सुनना... और फिर भी देखें, शायद बदलाव उनके पक्ष में चलेगा।

मैं याद करता हूँ जब पार्टियों के बीच मतभेद थे, तब वे तो लोकतंत्र की सबसे बड़ी चुनौती समझते थे। अब यह तो एक आम बात हुई है, हर कोई अपना अलग रास्ता ढूंढ रहा है। मुझे लगता है कि इसे स्वीकार कर लेना और आगे बढ़ना चाहिए।
 
આ દુનિયામાં રહેવા માટે તમે ખરી કરો, પરંતુ ચૌદની ડિજિટલ સ્થાને આવડી ગયા પછી, અમે કરોણા હતાં! 🤑

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આવી પ્રિયા દેશ ભગત, આજે કો'ક ચોળું ધડમણને સૌથી ઘણું સાહસ...! 😏

દ્વિતિય લોકશાહિત પ્રધાની ખીલેલા ગણમાં આ ડૉ. અચાનક સૌથી પોતાના વર્ગમાં વાંચું છે...! 📖
 
मुझे लगता है कि राहुल और प्रियंका गांधी जी अपनी पक्षपात राजनीति छोड़कर सच्चाई को आगे बढ़ाने की जरूरत है। हमारे देश में नेताओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है और वे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में मदद करते हैं।

लेकिन आजकल राजनीति बहुत बदल गई है। सभी नेताओं ने अपने-अपने संगठनों को एक्स्ट्रीम और भेदभावपूर्ण बना दिया है, जो लोगों को नाराज़ करता है। मुझे लगता है कि राहुल और प्रियंका गांधी जी अपने संगठनों को बदलकर एक नई दिशा देनी चाहिए। वे लोगों की जरूरतों को समझने और उन्हें सुनने की जरूरत है।

यदि वे अपने संगठनों को बदल सकते हैं तो हमारे देश में सच्चाई और न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा सकेगा।
 
अरे वाह, राहुल और प्रियंका को नाम बदलना चाहिए यानी? हमारा देश तो पहले भी बहुत से नाम बदल गए हैं, फिर क्यों यह भी करना है? शायद उन्हें अपने परिवार के नाम को बदलते रहना पसंद नहीं है 🙃

मुझे लगता है कि वे बस अपने संगठन को और अधिक अजीब बनाना चाहते हैं, तो इस तरह तो लोगों में उनकी पक्षपात भावना बढ़ जाएगी। यह देश के लिए नहीं, बल्कि अपने परिवार के लिए है 🤔

क्या वे समझते हैं कि हमारे देश में ऐसा बहुत सारा पैसा लगाया गया है, जिससे इसे एक अच्छा संगठन बनाने की संभावना है? लेकिन उनके परिवार को फिर और फिर से अपना नाम बदलना चाहिए? यह तो शर्मिंदगी है 🙈
 
मुझे लगता है कि ये बहुत बड़ा निर्णय है, राहुल और प्रियंका जी। मुझे लग रहा है कि अगर वे अपने संगठन को बदलेंगे, तो भविष्य में कांग्रेस पार्टी को बहुत दूर ले जाने में सफल होंगे।

अब तक, उनकी राजनीतिक यात्रा में कई उतार-चढ़ाव आ गए हैं, और उन्हें अपने संगठन को एक नए दिशा में बदलने की जरूरत है। अगर वे अपने संगठन को बदलें, तो यह उनके लिए एक नया अवसर होगा, जहां वे अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं।

मुझे लगता है कि राहुल और प्रियंका जी की इस नीति में बहुत समझदारी है, क्योंकि अगर वे अपने संगठन को बदलें, तो यह उन्हें नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में मदद करेगी। 🙌
 
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