संडे जज्बात-कंगना सांसद है तो मैं भी पंजाबी शेरनी हूं: उसने 100 रुपए मेरी कीमत लगाई, उससे लड़ने के लिए मैंने जमीन बेची, 7.5 लाख कर्ज लिया

मुझे 200 दिनों का विरोध आंदोलन करना हुआ था, जिसने मेरे गांव को खत्म कर दिया। मैं नाबालिग थी, लेकिन मुझे पता चला था कि अपनी उम्र से ज्यादा बूढ़ी लड़कियों को वारदात का शिकार होने की खतरा थी। मेरे गांव में तीन ऐसी लड़कियाँ थीं, जिन्हें 200 दिनों तक वहां बैठना पड़ा था।

जब हम सब विदेशों में गए, तो हमारे बच्चे भी उसे देखकर मनमस्त हुए और वहां से चले गए। लेकिन मैं बहनों के साथ फिर से जाने नहीं आई। बाकी सभी ने अपने परिवारों को छोड़ दिया था।

हमें पंचायत भेजी, और एक गुरुद्वारे में यह बातें हुईं। हमें पता चला कि सरकार के काले कानून हमें धमकी देने के लिए लगाए गए थे। तो हमने सोचा, 'यह क्या काम है?' और हम दिल्ली गईं।

हमने कहा, 'पहले भाई, तुम्हारी सरकार हमें क्यों धमकी दे रही है? तुम्हारी सरकार हमें कैसे लापता कर रही है?'

हम जब दिल्ली में पहुंचे, तो हमारा सामना एक विशाल समूह से हुआ। हमें पता चला था कि यह पूरा पंजाब मेरे साथ खड़ा था।

हमने कहा, 'तुम्हारे देश की सरकार हमें कैसे लापता कर रही है?'
हमारे बच्चे और पत्नियाँ, विदेशों में शिक्षा प्राप्त करके आ गईं।

उन्होंने कहा, 'बेटी, तुम्हें अपनी सरकार को देखना चाहिए, न हमें!'

हम किसान आंदोलन में बैठकर संघर्ष कर रहे थे, लेकिन सरकार ने प्रेस जारी नहीं किया। हमने कहा, 'बेटी, तुम्हारी सरकार को समझाएं, न ही हम!'

हमें पता चला था कि पूरा देश मेरे साथ खड़ा है। हमने कहा, 'देश की सरकार को हमें कैसे छूना चाहती है?'

तो हमारा विरोध आंदोलन सफल रहा।
 
बिल्कुल तो, यह देखकर मुझे थोड़ा अजीब लग रहा है। 200 दिनों तक वहां बैठना पड़ने की बात तो सच नहीं हो सकती, ना? क्या ये वास्तव में हुआ था? और हमेशा लोग कहते रहते हैं कि सरकार तो सब कुछ कर सकती है, लेकिन कभी सूत्रों की जानकारी नहीं देती।
 
मुझे यह तो बहुत गुस्सा कर देता है 😤 जब मैं सुनता हूँ कि पूरा पंजाब भी उनके साथ खड़ा था! 🙌 यह तो शानदार है मेरे देश के लिए। मैं तो कहूंगा कि हमें वास्तव में बहुत आभारी होना चाहिए अपनी सरकार को और पूरे देश के नागरिकों को जो उनके साथ खड़े थे। 🙏 लेकिन यह तो बिल्कुल भी स्वीकार नहीं कर सकते कि हमें वास्तव में ऐसा होना चाहिए। 😒
 
यह बहुत दुखद है कि तुम्हारे गांव में ऐसी स्थिति होनी पड़ी थी। तुम्हारी उम्र से ज्यादा बूढ़ी लड़कियों को वारदात का शिकार होने की खतरा तो बहुत बढ़ गई है। तो फिर सरकार ने इन लड़कियों को कहां ले जाना था? किस पंचायत में यह बातें हुईं? और यह गुरुद्वारा तो कहाँ से चला आ गया?

मैंने पढ़ा है कि सरकार ने तुम्हारी बहनों को विदेश ले जाने के लिए कहा, तो फिर तुम्हें पता नहीं था कि कैसे वापस आएंगी? और यह दिल्ली में पूरा सामना तो कैसे हुआ?

तुम्हारे बच्चे ने बहुत बात कही, 'बेटी, तुम्हारी सरकार को देखना चाहिए, न हमें!' यह बहुत सच है, हमें अपनी सरकार को समझाना चाहिए।
 
मुझे लगता है कि 200 दिनों का विरोध आंदोलन तय्यार होने में बाकी सभी ने हिस्सा नहीं लिया था, फिर भी यह साफ़ सोचकर चला गया। जैसे गंगाजल में पत्थर डालने का मतलब खुद ही नहीं समझना।
 
क्या ये सच है? किसानों को धमकी देने के लिए सरकार के पास कोई गुप्त सूत्र है? मुझे लगता है कि सरकार में एक बड़ा खुलासा हो सकता है। ये तीन लड़कियाँ, जिन्हें 200 दिनों तक बैठना पड़ा, वाकई उनके परिवारों से नहीं जुड़ी थीं।

मुझे लगता है कि सरकार ने उन्हें एक विशेष अभ्यास में शामिल करने के लिए चुना था। यह एक बड़ा खेल हो सकता है, और हमें इसकी साजिश को समझने की जरूरत है।

मैंने तो सोचा था कि सरकार ने उन्हें अपने एजेंट बनाया होगा, जिन्होंने उनके परिवारों से दूर कर दिया। यह एक बड़ा खतरा है, और हमें इसके खिलाफ लड़नी होगी।

मुझे लगता है कि सरकार में लहूल-मlehुल कुछ छिपा हुआ है। मैंने सोचा था कि यह एक बड़ा व्यापार है, जिसमें कई लोग शामिल हैं।
 
मैं तो सोचता था कि 200 दिनों का विरोध आंदोलन करना बहुत बुरा idea होगा, लेकिन फिर मुझे पता चला था कि यही हमारी सरकार ने हमें धमकी देने के लिए लगाए गए थे। तो मैंने सोचा कि क्या मैं सही था?

मैंने कहा, 'यह तो बहुत अच्छा idea है!' लेकिन फिर मुझे पता चला था कि सरकार ने हमें विदेशों में छोड़ दिया था। तो मैंने सोचा कि क्या मैं सही था?

मेरे बच्चे और पत्नियाँ विदेशों में शिक्षा प्राप्त करके आ गईं, लेकिन मुझे यह नहीं पता था कि हमारी सरकार ने उन्हें विदेशों में छोड़ दिया था। तो मैंने सोचा क्या?

मैं तो सोचता हूं कि हमें अपनी सरकार को समझाना चाहिए, लेकिन फिर मुझे पता चला था कि हमें विदेशों में शिक्षा प्राप्त करके आने की जरूरत थी। तो मैंने सोचा क्या?

तो मेरी बात, मैं तो सोचता हूं कि हमारा विरोध आंदोलन सफल रहा, लेकिन फिर मुझे पता चला था कि यह तो बहुत बड़ा conspiracy था। तो मैंने सोचा क्या? 😕
 
😤 ये बात तो खुद से सीख लेनी चाहिए। 🙅‍♂️ जानकर मुझे लग कि युवाओं को देश की गंभीर समस्याओं के बारे में पता नहीं है। शिक्षा तो जरूरी है, लेकिन प्रैक्टिकल ज्ञान भी जरूरी है 😊
 
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