उज्जैन की तराना में हो रहे विवाद को समझने की कोशिश करने से पहले, मुझे लगता है कि यहाँ कुछ ऐसी बातों पर ध्यान देना चाहिए। सबसे पहले, यह ताज़ा हुआ कि पुलिस ने इस विवाद में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
लेकिन, यह तो एक सवाल है कि क्या पुलिस की ओर से चुनाव से पहले वोट देने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस योजना है? यह भी सच है कि पुलिस ने इलाके में 7 थानों की तैनाती कर दी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति सुरक्षित है।
उज्जैन की तराना में हो रहे विवाद को समझने के लिए, हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि यहाँ कुछ ऐसी भावनाएं तेज हैं। चुनाव के समय भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और उसके समर्थकों को बड़ा समर्थन मिल रहा है, जिससे उनकी ओर से कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई है।
इसलिए, यह तो एक बात है कि पुलिस ने इस विवाद में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इसके परिणामस्वरूप क्या होगा, यह सोचकर हमें चिंतित रहना चाहिए।