भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों ने वंदे मातरम और जय हिंद जैसे नारों से राजनीति करने की प्रतिक्रिया दिखाई है। बुलेटिन में यह कहा गया है कि सदन की कार्यवाही के दौरान मर्यादा और गंभीरता के तहत 'धन्यवाद, थैंक यू, जय हिंद, वंदे मातरम' या किसी भी अन्य तरह के नारे नहीं लगाए जाने चाहिए। लेकिन विपक्ष ने यह कहकर दावा किया है कि बुलेटिन में कोई इस्तेमाल किए गए संदेशों पर प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। इसके अलावा, तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा समर्थित केंद्र सरकार पर स्वतंत्रता के प्रतीकों से असहज होने का आरोप लगाया है।
इस विवाद को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति बनाई है। भाजपा ने बुलेटिन में संदेश पर प्रतिक्रिया नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा है कि विपक्ष को पता होना चाहिए कि सदन की कार्यवाही के दौरान मर्यादा और गंभीरता के तहत किस तरह के नारे नहीं लगाए जाने चाहिए। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा समर्थित केंद्र सरकार पर स्वतंत्रता के प्रतीकों से असहज होने का आरोप लगाया है और कहा है कि राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक इन नारों पर केंद्र के किसी भी निर्देश को नहीं मानेगी।
इस विवाद को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति बनाई है। भाजपा ने बुलेटिन में संदेश पर प्रतिक्रिया नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा है कि विपक्ष को पता होना चाहिए कि सदन की कार्यवाही के दौरान मर्यादा और गंभीरता के तहत किस तरह के नारे नहीं लगाए जाने चाहिए। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा समर्थित केंद्र सरकार पर स्वतंत्रता के प्रतीकों से असहज होने का आरोप लगाया है और कहा है कि राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक इन नारों पर केंद्र के किसी भी निर्देश को नहीं मानेगी।