हिमाचल IPS एसोसिएशन की MHA से शिकायत: अफसरशाही पर भड़के पूर्व DIG, बोले- IAS-IPS की प्रतिक्रिया असंवैधानिक, अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला - Shimla News

मुझे इस बयान पर लगातार असहमति है 🙅‍♂️। अगर ऐसा कहा गया है तो हमें डरने की ज़रूरत नहीं है, बस यह सुनिश्चित करना होता है कि हमारे अधिकारों और स्वतंत्रता का सम्मान हो। पुलिस अधिकारियों को भ्रष्टाचार से लड़ना चाहिए, न कि नागरिकों को डराना 🚫। अगर हम इस तरह की बयानबाजी से रोकें तो हमारे लोकतंत्र की भावना खत्म हो जाएगी।
 
न्यायपालिका की बात में जरूर फिर मिल जाए, लेकिन यह सच है कि हमारी नेताओं को अपने बयानों से पहले विचार करना चाहिए। ये सुनिश्चित करना जरूरी है कि हमारी देशभर की आम जनता सुरक्षित महसूस करे। तो अगर आईपीएस एसोसिएशन ने ऐसा बयान दिया, तो फिर यह भी जरूरी है कि पुलिस अधिकारी इस पर अपना विचार व्यक्त करें। हमारे देश में हर नेता या अधिकारी को अपने बयानों से पहले सोचकर बोलना चाहिए ताकि वह लोगों को सही रास्ते पर चलने का प्रोत्साहन कर सकें।
 
मुझे भारत में हमेशा से पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठना अच्छा लगता है 🤔। अब जब आईएएस-आईपीएस एसोसिएशन ने राजस्व मंत्री जगत नेगी के बयान की आलोचना की है, तो मुझे लगता है कि यह एक अच्छा मौका है हमें इस बात पर विचार करने का। विनोद धवन जी ने बिल्कुल सही कहा, क्या IPS अधिकारी या उनकी एसोसिएशन को ऐसा बयान देने का अधिकार है? 🤷‍♂️ यह सुनिश्चित करने के लिए हमें अपने पुलिस व्यवस्था पर नज़र रखनी चाहिए कि वह हमारे संविधान और लोकतंत्र को नहीं खाती है।
 
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