"परिवार, समाज और राष्ट्र में महिलाओं की भूमिका को समझने की जरूरत है। परिवारों से शुरू करके लोग इस बात पर विचार करें, कि बेटियां बहकावे में कैसे आ जाती हैं।
देश में महिलाओं का एक-तिहाई हिस्सा सामाजिक और राष्ट्रीय भूमिका से पूरी तरह नहीं जुड़ा है। ऐसी महिलाओं के विकास के लिए विशेष प्रयास की जरूरत है। जहां नारी का सम्मान सुरक्षित होता है, वहीं समाज स्वतः स्वस्थ रहता है और राष्ट्र की रक्षा करने के लिए तैयार रहता है।"
देश में महिलाओं का एक-तिहाई हिस्सा सामाजिक और राष्ट्रीय भूमिका से पूरी तरह नहीं जुड़ा है। ऐसी महिलाओं के विकास के लिए विशेष प्रयास की जरूरत है। जहां नारी का सम्मान सुरक्षित होता है, वहीं समाज स्वतः स्वस्थ रहता है और राष्ट्र की रक्षा करने के लिए तैयार रहता है।"